अपने बारे में क्या कहूं ………दोषों से भरी है जिंदगानी अपनी…फिर भी खुद को सुशील कहे जाते हैं
जन्मदिन 11 अक्तूबर, 1977(Oct 11th, 1977)
मै तुला राशि का हूँ (Sunsign: Libra)
इमेल सम्पर्क का पता हैsushil एट गिरधर डाट काम( sushil at girdher dot com)
बचपन और किशोरावस्था बीती सिरसामे…….बी टैक करने के लियेशहर से दूर हुआ , और अब तक वापिस नहीं जा सका। .लेकिन हर दूरी मे शहर से प्यार बढता जा रहा है , दीवानगी की हद तक.
लेकिन अब शहर मे नहीं जा पा रहा , क्योंकि नौकरी जो करनी है।
साइकिल चलाना बहुत पसंद है क्योंकि जब भी मोटरसाइकिल चलाई, चालान कटवाया।
बारिश से नफरत हैक्योंकि उसके बाद जो कीचड होता है वो पसंद नहीं है।
बचपन मे मै बहुत Introvert था।
मै ईश्वर मे विश्वास रखता हूँ.
मै हिन्दी, उर्दू,अंग्रेजी, पंजाबीभाषायें बोल लेता हूँ।
लेकिन मुझेहिन्दी भाषा सबसे अच्छी लगती है।
कालेज टाइम मे रेडियो सुननेके कई रिकार्ड तोड़े…..अब एकदम बन्द।. क्या करें टाईम ही नहीं मिलता।
इंटरनैटका बहुत शौँक, इतना कि कैफेवाला भी हाथ जोड़ देता है, कि जाओ मेरे बाप…..कोई और काम भीकर लो।
जिन्दगी मे काफी उतार चढाव देखे……अपनों को बदलते देखा, गैरों को हाथ बढाते देखा…शायद यही दुनिया है.
जिन्दगी हर रोज कुछ ना कुछ नया सिखाती है, बहुत कुछ सीखा…….नही सीख पाया तो बस किसी का दिल दुखाना।
जीवन मे अपनी दादीजीसे बहुत प्रेरित रहा, अब वो तो नही रही, लेकिन उनके कहे एक एक शब्द आज भी मेरा मार्गदर्शन करते रहते है.
मै चश्मा लगाता हूँ, दूर की नजर का।
ऊपर से मै बहुत कड़क और अड़ियल दिखता हूँ, लेकिन अन्दर से मै बहुत ही संवेदनशील और इमोशनल हूँ…
प्रोफेशनली मै बहुत ही खड़ूस मैनेजर हूँ, सारे जुनियर्सपीठ पीछे गालियाँ देते होंगे.
साफ्टवेयर और जर्नलिज्ममे बेहद तेज हूँ ।
व्यापार के लिये एकदम अनफिट, अभी तक काअनुभव तो यही बताताहै, क्योंकि मेरेडिसीजन दिल से होते हैं।
कहते है हर सफल व्यक्ति के पीछे किसी महिला का हाथ होता है, अब मै किस किस का नाम लूँ?
अखबारों, किताबों और संगीत से बेहद लगाव, संगीत मे ग़जलों से लगाव.
कुछ गा गुनगुना भी लेता हूँ, गाने मे किशोर दा के दर्दीले गीत बेहद पसन्द.
ग़जलों और शेरो शायरी का बेहद शौंक था कभी।
भारतीय उपमहाद्वीप की राजनीतिक गतिविधियों पर हमेशा नजर रहती है.
राजनीतिक चर्चा से प्यार लेकिन राजनीतिज्ञों से बेहद चिढ, देश की तरक्की मे ये ही सबसे बढा रोड़ा बने है.
मै बेहद कोआपरेटिव हूँ, इतना कोआपरेटिव कि कभी कभी तो लोग शक करने लगते है.
मसालेदार खाना खाने मे अव्वल रहता हूँ, लेकिन क्या करें डाक्टर और पत्नी दोनो ने कन्ट्रोल कर रखा है.
सुबह सुबह जल्दी उठना कतई नापसन्द…… लेकिन क्या करें, रोजी रोटी का सवाल है आधी रात को भी जाना पड जाता है।
फेवरिट पास टाइम-पुरानी बातें याद करना और इंटरनेट।
सपना-उस दिन का इन्तजार है, जब मैं अपना अखबार निकाल पाऊंगा।
ब्लाग लिखने का मकसद, लोगों तक अपने विचार पहुँचाना और लोगो के विचारों तक पहुँचना.
सपने देखना बहुत पसन्द है, खासकर पिछली जिन्दगी से मुत्तालिक……
मै मानता हूँ कि अनुभव ही सबसे अच्छा अध्यापक होता है.
tumhara blog pada u r very good in writting poems or wo bhi dard bhari.. acha laga phad kar. I don’t remember u. hum kabhi mile hai kya? agar haan, to kaha.
Anyways good luck for ur future and keeping writing.
इस ब्लाग में प्रकाशित सभी रचनाएं मेरी अपनी मौलिक हैं......इनकी एक किताब तो छप ही चुकी है....साथ ही इनमें से सभी कई कई अखबारों में छप चुकी हैं....इसलिए किसी भी रचना को चुराकर कहीं और यानि इंटरनेट या प्रिंट माध्यम में छापने का दुस्साहस न करें.....अन्यथा कापीराइट एक्ट के तहत जो भी कानूनी कार्यवाही होगी, उसके जिम्मेदार आप स्वंय होंगे। इस ब्लाग में प्रकाशित रचनाओं पर आप अपनी टिप्पणीयां अवश्य कर सकते हैं .....अगर किसी अन्य ब्लाग पर अगर आप इनका जिक्र करें तो इस ब्लाग का लिंक अवश्य दें।
Hi Sushil,
tumhara blog pada u r very good in writting poems or wo bhi dard bhari.. acha laga phad kar. I don’t remember u. hum kabhi mile hai kya? agar haan, to kaha.
Anyways good luck for ur future and keeping writing.
Hi, thanx for ur compliment.I m nt regular user of net.Plz contect at this no. 09896129125. I’ll wait…