Feeds:
Posts
Comments

Archive for the ‘याद’ Category

हम अपने आप से कुछ यूं बदला लेते हैं
हमपे सितम करने वाले को भी दुआ देते हैं।
यूं तो हमें हंसने का भी नहीं है इल्म
उनसे भले गम भी मिले तो मुस्करा लेते हैं।
चोरी छिपे करते है उनका दीदार औ जुस्तजू
सामना हो जाए तो फिर नजरें झुका लेते हैं।

एक झूठी आस है दिल को समझाने की [...]

Read Full Post »

ए जालिम वफा न सही बेवफाई तो निभा
पिला दे जहर मगर प्यार से पिला।
साथ ताउम्र न दो तो कोइ शिकवा नहीं
पर जो वादे किये थे वो तो निभा।

Read Full Post »

खाक वो ख्वाब हो गए होंगे
फिर परेशां जनाब हो गए होंगे।
उनके होठों पे तो कलियां होती थी
अब तो हंसी में भी गुलाब हो गए होंगे।
तसव्वुर, दीवानगी, अश्क- औ- जज्बात
जवां वो शबाब हो गए होंगे।
मैं भी आया था उनकी महफिल में
सुनके वो बेनकाब हो गए होंगे।
होता कैसे दर्दे दिल कम “शीलू”
साकी भी अब खुद शराब हो [...]

Read Full Post »

तेरी यादों को समेटकर रखें भी तो कहां
दामन तो पहले ही शिकवों से भरा है।

Read Full Post »

एक ही सफर में
थक कर रुका हूं
पूरे तेंतीस पडावों पर…..।
उतावलेपन में
कहीं भी
ठहर कर नहीं देखा
कि कहां क्या है…..।
बस यूं ही
कहीं कहीं का
याद है कुछ कुछ….।
शायद वह पांचवा पडाव था…..
पापा ने
पडोस के लडके को
पीटने की सजा दी थी
और फिर
गले भी लगाया था,
समझाया था…।
तेरहवें पडाव पर
वह सुमन और……..

अठाइसवां पडाव था वह शायद…….
जब रितु ने
स्कूल जाने से मना [...]

Read Full Post »