एक ही सफर में
थक कर रुका हूं
पूरे तेंतीस पडावों पर…..।
उतावलेपन में
कहीं भी
ठहर कर नहीं देखा
कि कहां क्या है…..।
बस यूं ही
कहीं कहीं का
याद है कुछ कुछ….।
शायद वह पांचवा पडाव था…..
पापा ने
पडोस के लडके को
पीटने की सजा दी थी
और फिर
गले भी लगाया था,
समझाया था…।
तेरहवें पडाव पर
वह सुमन और……..
अठाइसवां पडाव था वह शायद…….
जब रितु ने
स्कूल जाने से मना [...]
